तंबोला की जगह भारतीय परंपरा से जुड़े ऐसे अनेक खेल अपनाए जा सकते हैं, जो मनोरंजन के साथ-साथ हमारी सांस्कृतिक विरासत, लोकजीवन, स्मृति, बुद्धि, रचनात्मकता और सामूहिक सहभागिता को भी बढ़ावा दें। खास बात यह है कि इनमें से कई खेल ऐसे हैं जिन्हें किटी पार्टी, पारिवारिक समारोह, दीपावली मिलन, महिला मंडली, कार्यालय के सांस्कृतिक कार्यक्रमों और सामुदायिक आयोजनों में बड़ी आसानी से खेला जा सकता है।
मेरी राय में तंबोला का बेहतर भारतीय विकल्प वह होगा जिसमें नंबर पुकारने और पुरस्कार जीतने के रोमांच के साथ भारतीय संस्कृति का रंग भी शामिल हो।
### 1\. भारतीय पारंपरिक खेलों के कुछ बेहतरीन विकल्प

1\. अंत्याक्षरी
भारतीय गीत-संगीत से जुड़ा बेहद लोकप्रिय खेल। एक टीम के गीत के अंतिम अक्षर से दूसरी टीम को गीत शुरू करना होता है। इसमें फिल्मी गीतों के साथ लोकगीत, भजन और देशभक्ति गीत भी शामिल किए जा सकते हैं।

2\. चौपड़ और पचीसी
भारत के प्राचीन बोर्ड गेम। कपड़े के बने बोर्ड, गोटियों और कौड़ियों या पासों से खेले जाते हैं। इनमें रणनीति, धैर्य और निर्णय क्षमता की भूमिका होती है। सामूहिक समारोहों में इनका आधुनिक सरल संस्करण खेला जा सकता है।

3\. कौड़ी खेल
कौड़ियों का उपयोग भारतीय लोकजीवन में खेल और मनोरंजन के लिए होता रहा है। कौड़ियां उछालने, गिनने और निर्धारित संयोजन बनाने वाले खेल तैयार किए जा सकते हैं।

4\. गिल्ली-डंडा
भारत का प्रसिद्ध पारंपरिक ग्रामीण खेल। इसमें छोटी गिल्ली को डंडे से उछालकर मारा जाता है। यह खुले मैदान में होने वाले आयोजनों के लिए उपयुक्त है।

5\. चौका-बारा
दक्षिण भारत में लोकप्रिय पारंपरिक बोर्ड गेम। इसमें गोटियों को निर्धारित रास्ते से आगे बढ़ाया जाता है। इसे घरों और क्लबों में बैठकर खेला जा सकता है।

6\. नाम-स्थान-वस्तु-जानवर
हिंदी वर्णमाला के किसी अक्षर से व्यक्ति का नाम, स्थान, वस्तु और जानवर बताना होता है। इसे समूहों में खेलकर खूब मनोरंजन किया जा सकता है।

7\. पहेली प्रतियोगिता
भारतीय लोकपरंपरा में पहेलियों का विशेष स्थान रहा है। आयोजक पहेलियां पूछें और प्रतिभागी जवाब दें। इसमें लोकपहेलियां, मुहावरे और कहावतें भी शामिल की जा सकती हैं।

8\. शब्द अंत्याक्षरी
इसमें गीतों के बजाय शब्दों का खेल होता है। पिछले शब्द के अंतिम अक्षर से नया शब्द बनाना होता है। इसे हिंदी, संस्कृत या क्षेत्रीय भाषाओं में खेला जा सकता है।

9\. अष्टापद
प्राचीन भारत का एक बोर्ड गेम, जिसका संबंध 8×8 खानों वाले बोर्ड से है। इसे भारतीय खेल परंपरा के इतिहास से जोड़कर प्रस्तुत किया जा सकता है।

10\. कबड्डी और खो-खो
ये भारत की विशिष्ट पारंपरिक शारीरिक खेल परंपराओं के महत्वपूर्ण उदाहरण हैं। बड़े समूह और खुले स्थान वाले आयोजनों के लिए उपयोगी हैं।
### 2\. तंबोला का भारतीय सांस्कृतिक विकल्प: कुछ नए खेल
मेरा सुझाव है कि केवल पुराने खेलों को दोहराने के बजाय तंबोला के आयोजन प्रारूप को भारतीय सांस्कृतिक विषयों के साथ मिलाकर कुछ नए खेल भी बनाए जा सकते हैं।

भारतीय उत्सव पहचानो
आयोजक किसी त्योहार, परंपरा, रीति-रिवाज या धार्मिक-सांस्कृतिक प्रतीक का संकेत दें। प्रतिभागियों को उसका नाम बताना होगा। जैसे—दीपावली में कौन-सी मिठाई प्रसिद्ध है? ओणम में कौन-सा आयोजन होता है?

स्वर पहचानो
बांसुरी, सितार, तबला, शहनाई या किसी लोकवाद्य की धुन सुनाकर उसका नाम पूछें। यह खेल संगीत प्रेमियों के लिए खास होगा।

कहावत पूरी करो
आयोजक कहावत का आधा हिस्सा बोलें और प्रतिभागियों को उसे पूरा करना होगा। जैसे—'नाच न जाने...' या 'ऊंची दुकान...'। सही उत्तर देने वाले को अंक मिलें।

स्वाद और व्यंजन पहचानो
भारतीय पकवानों, मिठाइयों, मसालों और क्षेत्रीय व्यंजनों के नाम या चित्र दिखाकर पहचानने को कहें।

भारत को जानो
भारत के ऐतिहासिक स्मारकों, नदियों, राज्यों, लोककलाओं और महापुरुषों से जुड़े सवाल पूछे जाएं।
### 3\. तंबोला की जगह कौन-से खेल सबसे ज्यादा सफल होंगे?
यदि उद्देश्य तंबोला की तरह बड़ी संख्या में लोगों को एक साथ शामिल करना और पुरस्कार देने का रोमांच बनाए रखना है, तो मेरी प्राथमिकता यह होगी:
| खेल | उपयुक्तता | मुख्य आकर्षण |
| ------------------- | ---------- | ---------------- |
| कहावत पूरी करो | बहुत अच्छी | हास्य और भाषा |
| भारतीय उत्सव पहचानो | बहुत अच्छी | सांस्कृतिक ज्ञान |
| अंत्याक्षरी | बहुत अच्छी | संगीत और मनोरंजन |
| पहेली प्रतियोगिता | बहुत अच्छी | बुद्धि और तर्क |
| भारत को जानो | अच्छी | सामान्य ज्ञान |
| कौड़ी खेल | अच्छी | पारंपरिक अनुभव |
| चौपड़-पचीसी | अच्छी | रणनीति |
### 4\. एक नया आयोजन मॉडल : भारतीय खेलोत्सव
एक दिलचस्प प्रयोग यह हो सकता है कि तंबोला की जगह एक पूरा आयोजन 'भारतीय खेलोत्सव' के नाम से किया जाए। इसमें पांच चरण रखे जा सकते हैं। पहले चरण में कहावत पूरी करने का खेल, दूसरे में भारतीय त्योहार पहचानने की प्रतियोगिता, तीसरे में गीतों की अंत्याक्षरी, चौथे में पहेली और पांचवें में पारंपरिक कौड़ी या चौपड़ का खेल हो। प्रत्येक चरण में प्रतिभागियों को अंक दिए जाएं और अंत में सबसे अधिक अंक पाने वाले को विजेता घोषित किया जाए।
इसमें पुरस्कार भी भारतीय परंपरा से जुड़े रखे जा सकते हैं—हस्तशिल्प, मिट्टी के दीपक, मधुबनी पेंटिंग, पुस्तकें, पौधे, खादी के उत्पाद या स्थानीय कलाकृतियां। इससे मनोरंजन के साथ भारतीय शिल्प और स्थानीय कलाकारों को भी प्रोत्साहन मिलेगा।
एक महत्वपूर्ण विचार: तंबोला की सबसे बड़ी खूबी यह है कि इसमें बहुत सारे लोग एक साथ भाग ले सकते हैं और हर किसी को पुरस्कार जीतने की उम्मीद बनी रहती है। इसलिए यदि उसका विकल्प बनाना है तो ऐसा खेल चुनना चाहिए जिसमें सभी को भागीदारी का अवसर मिले, नियम सरल हों और जीत केवल किस्मत पर निर्भर न हो।
मेरे विचार से 'कहावत पूरी करो', 'भारतीय उत्सव पहचानो' और 'पहेली प्रतियोगिता' को मिलाकर बनाया गया खेल तंबोला का एक मौलिक, रोचक और सांस्कृतिक भारतीय विकल्प बन सकता है।

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