शनिवार, 19 सितंबर 2026

निठल्ले के नोट्स - स्पेस सूट का रहस्य!

अंतरिक्ष यात्री को स्पेससूट देखकर अक्सर यही सवाल उठता है कि जब वही व्यक्ति अंतरिक्ष स्टेशन के भीतर पहुँचकर शर्ट-पैंट या टी-शर्ट जैसे सामान्य कपड़ों में घूमता दिखाई देता है, तो फिर इतने भारी-भरकम और महंगे स्पेससूट की जरूरत आखिर क्यों पड़ती है? इसका सीधा उत्तर यह है कि अंतरिक्ष स्टेशन के भीतर का वातावरण और स्टेशन के बाहर का अंतरिक्ष—दो बिल्कुल अलग दुनिया हैं। अंतरिक्ष स्टेशन के अंदर मनुष्य के रहने योग्य दबाव, तापमान, ऑक्सीजन और अन्य पर्यावरणीय परिस्थितियाँ कृत्रिम रूप से बनाई जाती हैं। इसलिए वहाँ अंतरिक्ष यात्री सामान्य कपड़े पहन सकते हैं। लेकिन स्टेशन से बाहर निकलते ही उन्हें ऐसी जगह जाना पड़ता है जहाँ लगभग पूर्ण निर्वात है, सांस लेने के लिए हवा नहीं है और तापमान, विकिरण तथा सूक्ष्म अंतरिक्षीय मलबे जैसी कई गंभीर चुनौतियाँ मौजूद हैं। NASA स्वयं स्पेससूट को एक तरह का “मानव आकार का छोटा अंतरिक्षयान” बताता है, क्योंकि वह अंतरिक्ष यात्री के शरीर के चारों ओर वही मूलभूत जीवन-समर्थन वातावरण बनाता है जो पूरा अंतरिक्षयान उसके लिए बनाता है।

सबसे पहली और सबसे महत्वपूर्ण जरूरत है वायुदाब और सांस लेने योग्य वातावरण। अंतरिक्ष में पृथ्वी जैसा वायुमंडलीय दबाव नहीं है। अगर कोई व्यक्ति बिना सुरक्षा के निर्वात में चला जाए तो वह सांस लेने के लिए ऑक्सीजन प्राप्त नहीं कर सकेगा और शरीर सामान्य वातावरणीय दबाव के अभाव में गंभीर शारीरिक संकट में पड़ जाएगा। इसलिए EVA यानी Extravehicular Activity, अर्थात अंतरिक्षयान या अंतरिक्ष स्टेशन के बाहर की गतिविधि के लिए इस्तेमाल होने वाला स्पेससूट अपने भीतर नियंत्रित दबाव और ऑक्सीजन उपलब्ध कराता है। NASA के अनुसार EVA स्पेससूट जीवन-समर्थन प्रणाली के रूप में ऑक्सीजन उपलब्ध कराने, कार्बन डाइऑक्साइड हटाने, तापमान और आर्द्रता नियंत्रित करने तथा अन्य आवश्यक कार्यों में मदद करता है।

दूसरी बड़ी समस्या है तापमान। अंतरिक्ष में यह सोचना गलत होगा कि हर जगह बस बहुत ठंड होती है। वहाँ हवा न होने के कारण पृथ्वी जैसा सामान्य तरीके से ताप का आदान-प्रदान नहीं होता और सूर्य की सीधी रोशनी तथा छाया में परिस्थितियाँ बहुत अलग हो सकती हैं। NASA के अनुसार अंतरिक्ष में सूर्य की रोशनी वाले हिस्से और छाया वाले हिस्से में अत्यधिक तापीय अंतर हो सकता है। इसलिए स्पेससूट में कई परतें होती हैं और अंदर विशेष liquid cooling garment पहनाया जाता है। इसमें शरीर के पास से पानी प्रवाहित करने वाली ट्यूबें होती हैं, जो अंतरिक्ष यात्री के शरीर से अतिरिक्त गर्मी हटाने में मदद करती हैं। यानी स्पेससूट केवल बाहर की ठंड से बचाने वाला कपड़ा नहीं है; वह शरीर को अत्यधिक गर्मी और ठंड दोनों से नियंत्रित वातावरण देता है।

तीसरी समस्या है सूक्ष्म उल्कापिंड और orbital debris। अंतरिक्ष बिल्कुल खाली और शांत दिखाई देता है, लेकिन वहाँ बहुत छोटे-छोटे कण और मानव निर्मित अंतरिक्षीय मलबे के टुकड़े अत्यधिक गति से घूम सकते हैं। पृथ्वी पर एक छोटा कंकड़ मामूली चीज लग सकता है, लेकिन अंतरिक्ष में बहुत तेज गति से चल रहा छोटा कण भी गंभीर नुकसान कर सकता है। इसलिए EVA स्पेससूट में ऐसी बहुस्तरीय सुरक्षा होती है जो माइक्रोमीटियोरॉइड और orbital debris से सुरक्षा प्रदान करती है। NASA के EMU विवरण में thermal और micrometeoroid protection को स्पेससूट की प्रमुख विशेषताओं में शामिल किया गया है।

चौथी चुनौती है सूर्य का विकिरण और तेज प्रकाश। पृथ्वी पर हमारा वायुमंडल और पृथ्वी का चुंबकीय क्षेत्र हमें अंतरिक्ष के अनेक प्रकार के विकिरण से काफी हद तक बचाते हैं। अंतरिक्ष यात्री जब स्टेशन से बाहर निकलता है तो उसे इस प्राकृतिक सुरक्षा की तुलना में अधिक प्रत्यक्ष अंतरिक्षीय वातावरण का सामना करना पड़ता है। इसलिए स्पेससूट में ऐसी सामग्री और परतें होती हैं जो तापीय विकिरण तथा सूर्य के प्रकाश के प्रभाव को कम करने में मदद करती हैं। हेलमेट का visor भी सिर्फ कांच की खिड़की नहीं होता; उसमें सूर्य की तीव्र रोशनी से आँखों की सुरक्षा के लिए विशेष फिल्टर और coating होती है।

एक और दिलचस्प बात यह है कि स्पेससूट केवल सुरक्षा कवच नहीं बल्कि एक चलता-फिरता जीवन-समर्थन तंत्र है। अंतरिक्ष यात्री के पीछे लगा backpack वास्तव में Portable Life Support System होता है। इसमें ऑक्सीजन, कार्बन डाइऑक्साइड नियंत्रण, पानी और तापमान नियंत्रण से संबंधित प्रणालियाँ होती हैं। सूट में संचार प्रणाली भी जुड़ी होती है, जिससे अंतरिक्ष यात्री स्टेशन या मिशन नियंत्रण से बात कर सकता है। NASA के अनुसार EMU में atmospheric containment, thermal insulation, cooling, solar-radiation protection और micrometeoroid/orbital-debris protection जैसी क्षमताएँ शामिल हैं।

अब सवाल आता है कि स्टेशन के अंदर वही सब सुविधाएँ क्यों नहीं चाहिए? क्योंकि अंतरिक्ष स्टेशन स्वयं एक विशाल, दबावयुक्त और नियंत्रित वातावरण है। स्टेशन के अंदर पृथ्वी जैसा रहने योग्य वातावरण बनाए रखा जाता है—यही कारण है कि वहाँ अंतरिक्ष यात्री सामान्य कपड़ों में काम कर सकते हैं। NASA इसे “shirt-sleeve environment” कहता है, यानी ऐसा वातावरण जहाँ व्यक्ति शर्ट-पैंट जैसे सामान्य कपड़ों में काम कर सकता है। इसलिए स्टेशन के अंदर स्पेससूट पहनकर घूमना वैसा ही होगा जैसे कोई व्यक्ति अपने घर के अंदर ऑक्सीजन सिलेंडर, एयर-कंडीशनिंग सिस्टम और सुरक्षा कवच लेकर घूमता रहे। उसकी जरूरत नहीं है क्योंकि वह पूरा वातावरण पहले से ही नियंत्रित है।

इसे एक सरल उदाहरण से समझिए। एक पनडुब्बी के अंदर और समुद्र के पानी में तैरने वाले व्यक्ति में जो अंतर है, लगभग वैसा ही अंतर अंतरिक्ष स्टेशन के अंदर और स्टेशन के बाहर है। पनडुब्बी के अंदर सामान्य कपड़े पर्याप्त हैं क्योंकि अंदर हवा और दबाव नियंत्रित है; लेकिन बाहर निकलते ही व्यक्ति को ऐसा diving suit चाहिए जो पानी के दबाव, तापमान और सांस लेने की समस्या से बचाए। अंतरिक्ष स्टेशन भी अंतरिक्ष में मनुष्य के लिए एक तरह का कृत्रिम सुरक्षित वातावरण है। अंतरिक्ष स्टेशन से बाहर निकलना उस सुरक्षित वातावरण को छोड़कर सीधे अत्यंत hostile environment में जाना है—इसलिए वहाँ स्पेससूट अनिवार्य हो जाता है।

यहाँ एक महत्वपूर्ण अंतर और समझना चाहिए: सभी स्पेससूट एक जैसे नहीं होते। लॉन्च और re-entry के दौरान पहना जाने वाला pressure suit, अंतरिक्ष स्टेशन के बाहर spacewalk के लिए इस्तेमाल होने वाले EVA suit से अलग उद्देश्य रखता है। लॉन्च या वापसी के समय मुख्य चिंता cabin pressure खोने जैसी आपात स्थिति में अंतरिक्ष यात्री को सुरक्षित रखना हो सकती है, जबकि EVA suit को स्वतंत्र रूप से जीवन-समर्थन देने के साथ-साथ बाहर काम करने, चलने-फिरने, उपकरण पकड़ने और कई घंटे तक अंतरिक्षीय वातावरण झेलने में सक्षम होना पड़ता है। NASA के मानकों में launch/entry/abort suits और EVA suits के कार्य अलग-अलग बताए गए हैं।

एक और रोचक तथ्य यह है कि स्पेससूट को पहनना साधारण कपड़े पहनने जैसा नहीं है। EVA suit कई परतों और अलग-अलग हिस्सों से बना होता है। उसके अंदर cooling garment, pressure system, protective layers, helmet, gloves और life-support system जुड़े होते हैं। NASA के अनुसार पूरी तरह तैयार होने में काफी समय लग सकता है। यही कारण है कि अंतरिक्ष यात्री spacewalk से पहले कई प्रक्रियाओं से गुजरते हैं। इसके अलावा, कम दबाव वाले स्पेससूट में जाने से पहले nitrogen से संबंधित decompression sickness के जोखिम को कम करने के लिए विशेष prebreathe प्रक्रिया अपनाई जाती है।

इसलिए अंतरिक्ष यात्री का स्पेससूट पहनना अंतरिक्ष में रहने की सामान्य वर्दी नहीं है; वह अंतरिक्ष स्टेशन की सुरक्षित सीमा से बाहर जाने की व्यक्तिगत जीवन-रक्षक मशीन है। स्टेशन के अंदर स्टेशन स्वयं “बड़ा स्पेससूट” बन जाता है—वह हवा, दबाव, तापमान और रहने योग्य वातावरण उपलब्ध कराता है। स्टेशन के बाहर वही काम एक छोटे, व्यक्ति के शरीर पर पहने जाने वाले स्पेससूट को करना पड़ता है। इसीलिए तस्वीरों में एक ही अंतरिक्ष यात्री कभी साधारण टी-शर्ट में और कुछ समय बाद विशाल सफेद स्पेससूट में दिखाई देता है—कपड़े नहीं बदले हैं, बल्कि उसके आसपास का पूरा पर्यावरण बदल गया है। यही स्पेससूट की वास्तविक आवश्यकता और उसका सबसे सरल वैज्ञानिक उत्तर है। 

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