मंगलवार, 7 जनवरी 2025

8 जनवरी

8 जनवरी 
पृथ्वी घूर्णन दिवस
अर्थ रोटेशन डे 
हर साल 8 जनवरी को अर्थ रोटेशन डे मनाया जाता है। इस दिन को मनाने का उद्देश्य है फ्रांसीसी भौतिक विज्ञानी लियोन फौकॉल्ट के उस प्रदर्शन को याद करना, जो उन्होंने साल 1851 में दिखाया था। आपको बता दें कि 1851 में लियोन फौकॉल्ट ने अपने एक मॉडल से साबित किया कि धरती अपनी धुरी पर घूमती है। इस दिन को मनाने का उद्देश्य है धरती की घूर्णन गति के बारे में जागरूकता बढ़ाना। 8 जनवरी 1851 के दिन फ्रांसीसी भौतिक विज्ञानी लियोन फौकाल्ट ने पृथ्वी के घूमने के तरीके को जनता के सामने प्रदर्शित किया था। आपको बता दें कि लियोन फौकॉल्ट के मॉडल में एक लंबी पेंडुलम थी। जिसे उन्होंने एक अंधेरे कमरे में लटका दिया। ऐसे में देखा गया कि पेंडुलम के दोलन की दिशा समय के साथ बदल रहा था। यही परिवर्तन धरती की घूर्णन गति के कारण होता है। धरती अपनी धुरी पर 24 घंटे में एक चक्कर लगाती है। धरती अपनी धुरी पर 24 घंटे में एक चक्कर लगाती है। उत्तरी और दक्षिणी ध्रुवों पर धरती की घूर्णन गति सबसे कम होती है। समय के साथ धरती की घूर्णन गति बदलती रहती है और इसी के कारण दिन और रात होते हैं। पृथ्वी जिस अक्ष पर घूमती है, वह एक काल्पनिक रेखा है जो पृथ्वी के बीच से सीधी खींची गई है। यह अक्ष उत्तरी ध्रुव को दक्षिणी ध्रुव से जोड़ता है। पृथ्वी इस लगभग ऊर्ध्वाधर अक्ष पर हर 24 घंटे में घूमती है। इस कारण से, एक दिन में 24 घंटे होते हैं। इसके अतिरिक्त, सूर्य के चारों ओर चक्कर लगाने में इसे 365 दिन से थोड़ा अधिक समय लगता है। इस कारण, 365 दिन एक वर्ष के बराबर होते हैं। पृथ्वी का घूमना सिर्फ़ यह तय नहीं करता कि हमारा दिन या साल कितना लंबा होगा। पृथ्वी का घूमना मौसमों को भी निर्धारित करता है। जैसे-जैसे पृथ्वी घूमती है, सूर्य विभिन्न कोणों पर तीव्र होता जाता है। पूरे वर्ष अंतरिक्ष में पृथ्वी की विभिन्न स्थितियाँ हमें अलग-अलग नक्षत्रों को देखने की भी अनुमति देती हैं।(विविध स्रोत)

सोमवार, 6 जनवरी 2025

7 जनवरी

7 जनवरी 
ऑर्थोडॉक्स क्रिसमस डे 
कई रूढ़िवादी ईसाई हर साल 7 जनवरी या उसके आस-पास क्रिसमस दिवस मनाते हैं, ताकि ईसाई बाइबिल में वर्णित ईसा मसीह के जन्म को याद किया जा सके। यह तिथि जूलियन कैलेंडर के अनुसार काम करती है जो ग्रेगोरियन कैलेंडर से पहले की है।कुछ पूर्वी रूढ़िवादी चर्च, जिनमें रूसी और अन्य परंपराएँ शामिल हैं, प्राचीन जूलियन कैलेंडर का पालन करते हैं, जो ग्रेगोरियन कैलेंडर से 13 दिन बाद चलता है, जिसका इस्तेमाल कैथोलिक और प्रोटेस्टेंट चर्चों के साथ-साथ धर्मनिरपेक्ष दुनिया के अधिकांश लोग रोज़मर्रा के इस्तेमाल के लिए करते हैं। अन्य रूढ़िवादी, जिनमें ग्रीक परंपरा वाले और अब, कुछ यूक्रेनी चर्च शामिल हैं, पश्चिमी चर्चों के समान ही क्रिसमस मनाते हैं।

रविवार, 5 जनवरी 2025

6 जनवरी

6 जनवरी 
विश्व युद्ध अनाथ दिवस 
World War Orphan Day 
हर साल 6 जनवरी को विश्व युद्ध अनाथ दिवस मनाया जाता है। इस दिन का उद्देश्य युद्ध के परिणामस्वरूप अनाथ हुए बच्चों के बारे में लोगों में जागरूकता बढ़ाना है। इस दिन का लक्ष्य युद्ध में अनाथ हुए बच्चों की दुर्दशा के बारे में जागरूकता बढ़ाना और बच्चों के बड़े होने पर उनके सामने आने वाली मनोवैज्ञानिक, सामाजिक और शारीरिक बाधाओं पर ज़ोर देना है। किसी युद्ध या संघर्ष के कारण अपने माता-पिता को खोने वाले बच्चों की दुर्दशा के बारे में जागरूकता बढ़ाने के लिए विश्व युद्ध अनाथ दिवस मनाया जाता है। इस दिन को मनाने की शुरुआत फ्रांसीसी संगठन एसओएस एनफैंट्स एन डिट्रेस (SOS Enfants en Detresses) ने की गई थी, जिसका उद्देश्य अनाथ बच्चों की मदद करना था।एसओएस एनफैंट्स एन डेट्रेस, एक फ्रांसीसी संगठन ने विश्व युद्ध अनाथ दिवस की शुरुआत की। संयुक्त राष्ट्र बाल कोष (यूनिसेफ) के अनुसार, लगभग 9,00,000 बच्चे पूर्वोत्तर में रहते हैं, उन सभी पर युद्ध का बहुत बुरा असर पड़ा है, चाहे शिक्षा, भोजन, आवास या शारीरिक क्षति की कमी के कारण। आईडीपी (अंतर्राष्ट्रीय विस्थापित व्यक्ति) वे लोग हैं जिन्हें अपने घर, रोजगार के स्थान और संपत्ति सहित सब कुछ छोड़ने के लिए मजबूर किया गया है। यह महत्वपूर्ण है कि वे भूखे न रहें या बीमारी का शिकार न हों।(विविध स्रोत)

शनिवार, 4 जनवरी 2025

5 जनवरी

5 जनवरी 
राष्ट्रीय पक्षी दिवस (अमेरिका)
हर साल 5 जनवरी को अमेरिका में राष्ट्रीय पक्षी दिवस मनाया जाता है, जिसका मुख्य उद्देश्य पक्षियों और उनके आवासों के महत्व के बारे में जागरूकता फैलाना है। यह दिन पक्षियों के परिस्थितिकी महत्व और उनके संरक्षण के दिशा में बेहतर बनाने के लिए मनाया जाता है। राष्ट्रीय पक्षी दिवस, मनाने की शुरूआत 2002 में अमेरिका में हुई। यह विशेष दिन इसलिए चुना गया क्योंकि 5 जनवरी वार्षिक "क्रिसमस बर्ड काउंट" का दिन भी है। यह वार्षिक राष्ट्रीय अवकाश अमेरिका में काफी समय से मनाया जाता रहा है। इसके जरिए संयुक्त राज्य अमेरिका में पक्षियों की संख्या और स्थिति दोनों के बारे में विस्तृत जानकारी मिलती है। क्रिसमस बर्ड काउंट मनाया जाता है, जो दुनिया की सबसे बड़ी नागरिक विज्ञान परियोजना है जो संयुक्त राज्य अमेरिका में जंगली पक्षियों की गणना करती है। यह काम तीन सप्ताह तक चलता है।यह दिन पक्षी प्रेमियों के लिए एक खास दिन है। बता दें कि बॉर्न फ्री यूएसए और एवियन वेलफेयर गठबंधन ने वर्ष 2002 में इस दिन को मनाने की शुरुआत की थी। वहीं भारत में यह दिन 12 नवंबर को मनाया जाता है।Born Free USA के अनुसार, दुनिया की लगभग 10,000 पक्षी प्रजातियों में से 12 फीसदी विलुप्त होने की कगार पर हैं. राष्ट्रीय पक्षी दिवस समारोह इन पारिस्थितिक समस्याओं के बारे में जागरूकता बढ़ाने और दुनिया भर में पक्षियों की रक्षा और संरक्षण के लिए लोगों को शिक्षित करने के लिए एक मंच और अवसर प्रदान करता है.इस दिवस की सहायता से अब पूरी दुनिया ये समझने लगी है कि किस तरह से पक्षी हमारे जीवन के लिए उपयोगी हैं.राष्ट्रीय पक्षी दिवस को सेलिब्रेट करने के लिए लोग बर्ड वाचिंग के अलावा पक्षियों से संबंधित कई तरह के गतिविधियों में हिस्सा लेते हैं. पक्षियों के बारे में अध्ययन करते हैं और दूसरों को शिक्षित करते हैं. लोग अक्सर पक्षियों को एडॉप्ट करके अपना समर्थन देते हैं. कई लोग पक्षियों की प्रजातियों के बारे में जानने के लिए पुस्तकों की मदद लेते हैं. अनुमान है कि इस सदी के अंत तक लगभग 1200 पक्षी प्रजातियां विलुप्त होकर हमेशा के लिए नष्ट हो जाएंगी. (विविध स्रोत)

4 जनवरी

4 जनवरी 
विश्व ब्रेल दिवस
World Braille Day
 2019 से प्रति वर्ष 4 जनवरी को विश्व ब्रेल दिवस मनाया जा रहा है। यह दिन अंधे और आंशिक रूप से दृष्टिहीन लोगों के मानवाधिकारों की पूर्ण प्राप्ति में संचार के साधन के रूप में ब्रेल के महत्व के बारे में जागरूकता बढ़ाने के लिए मनाया जाता है।  6 नवंबर 2018 को संयुक्त राष्ट्र महासभा ने एक प्रस्ताव पारित किया गया था, जिसमें हर साल 4 जनवरी को ‘विश्व ब्रेल दिवस’ के रूप में मनाने का निर्णय लिया गया था। 4 जनवरी ब्रेल लिपि के आविष्कारक लुई ब्रेल का जन्मदिन है, जिनका जन्म फ्रांस में 1809 में हुआ था। लुई ब्रेल की याद में और शिक्षा, संचार और सामाजिक समावेशन में ब्रेल के महत्व के बारे में जागरुकता बढ़ाने के लिए संयुक्त राष्ट्र ने हर वर्ष 4 जनवरी को विश्व ब्रेल दिवस के रूप में मनाने की घोषणा की है।ब्रेल लिपि एक प्रकार की लिपि है जिसका प्रयोग दृश्य-बाधितों के लिए लिखने और पढ़ने के लिए किया जाता है। इस लिपि में नेत्रहीन लोग कागज पर उभरे हुए बिंदुओं के स्पर्श के जरिए पढ़ते-लिखते हैं। बता दें कि इस लिपि के जरिए बुक भी लिखा जा सकता है।ब्रेल कोई भाषा नहीं है बल्कि यह एक कोड है जिसका उपयोग किसी भी भाषा को लिखने के लिए किया जाता है। ब्रेल कई भाषाओं में उपलब्ध है जैसे संस्कृत, अरबी, चीनी, हिब्रू, स्पेनिश व अन्य भाषाएं। ब्रेल वर्णमाला और संख्यात्मक प्रतीकों का एक स्पर्शनीय प्रतिनिधित्व है जिसमें प्रत्येक अक्षर और संख्या को दर्शाने के लिए छह बिंदुओं का उपयोग किया जाता है, और यहां तक कि संगीत, गणितीय और वैज्ञानिक प्रतीकों का भी। ब्रेल (19वीं शताब्दी के फ्रांस में इसके आविष्कारक लुई ब्रेल के नाम पर) का उपयोग अंधे और आंशिक रूप से दृष्टिहीन लोग उन्हीं पुस्तकों और पत्रिकाओं को पढ़ने के लिए करते हैं जो दृश्य फ़ॉन्ट में छपी होती हैं। (विविध स्रोत)

गुरुवार, 2 जनवरी 2025

3 जनवरी

3 जनवरी 
सावित्रीबाई फुले जयंती 
प्रतिवर्ष 3 जनवरी के दिन सावित्रीबाई फुले जयंती  मनायी जाती है। सावित्रीबाई फुले का जन्म महाराष्ट्र के सतारा जिले के एक छोटे से गांव में हुआ था। इनको सजाज सेविका कवयित्री दार्शनिक आदि के रूप में पहचाना जाता है। सावित्रीबाई फुले को देश की पहली शिक्षिका माना जाता है। उन्होंने अपने पति के साथ मिलकर देश का पहला महिला स्कूल खोला था।सावित्रीबाई फुले का जन्म 3 जनवरी 1831 महाराष्ट्र के सतारा जिले के एक गांव में हुआ था। उन्हीं को सम्मान देने के लिए प्रतिवर्ष यह दिन मनाया जाता है। सावित्रीबाई फुले को समाज सेविका, नारी मुक्ति आंदोलन में हिस्सा लेने वाली और देश की पहली अध्यापिका के रूप में जाना जाता है। सावित्रीबाई फुले ने महिलाओं के लिए भी लम्बी लड़ाई लड़ी और उनकी स्थिति में सुधार के लिए बहुत योगदान दिया।


अंतर्राष्ट्रीय मन-शरीर कल्याण दिवस
International Mind-Body Wellness Day
3 जनवरी को अंतर्राष्ट्रीय मन-शरीर कल्याण दिवस मनाया जाता है, यह इस बात का जश्न मनाने का अवसर है कि कैसे एक स्वस्थ मन और स्वस्थ भावनाओं का मतलब एक स्वस्थ शरीर होता है! मन, शरीर और आत्मा का संबंध हमारे समग्र स्वास्थ्य और कल्याण में एक अभिन्न भूमिका निभाता है। हमारी भावनाएँ, उद्देश्य, आध्यात्मिकता, अनुभव, लक्ष्य, विश्वास, आदतें और कार्य सभी का मन-शरीर के सामंजस्य और समग्र स्वास्थ्य पर महत्वपूर्ण प्रभाव पड़ता है। यही कारण है कि हम प्रत्येक वर्ष की शुरुआत में अंतर्राष्ट्रीय मन-शरीर कल्याण दिवस मनाते हैं, क्योंकि आपके लिए सर्वश्रेष्ठ संभव बनाने से ज़्यादा महत्वपूर्ण कुछ नहीं है, और एक नए आप के लिए नए साल से बेहतर समय और क्या हो सकता है?

बुधवार, 1 जनवरी 2025

2 जनवरी

2 जनवरी 
राष्ट्रीय विज्ञान कथा दिवस
National Science Fiction Day 
राष्ट्रीय विज्ञान कथा दिवस विज्ञान कथा को एक विधा, इसके रचनाकारों, इतिहास और विभिन्न मीडिया के रूप में मनाने को बढ़ावा देता है। हर साल 2 जनवरी को, संयुक्त राज्य अमेरिका में लाखों विज्ञान कथा प्रशंसक अपने पसंदीदा विज्ञान कथाएँ पढ़ते और देखते हैं। यह दिन प्रसिद्ध विज्ञान कथा लेखक आइज़ैक असिमोव के जन्म की याद में मनाया जाता है। अमेरिकी लेखक और बोस्टन विश्वविद्यालय में जैव रसायन विज्ञान के प्रोफेसर, आइज़ैक असिमोव का जन्म 2 जनवरी, 1920 को इसाक युदोविच ओज़िमोव के रूप में हुआ था। वे अपने विज्ञान कथा लेखन और अपनी लोकप्रिय विज्ञान पुस्तकों के लिए सबसे ज़्यादा जाने जाते हैं। आइज़ैक असिमोव का निधन 6 अप्रैल, 1992 को हुआ था।हार्ड साइंस फिक्शन के मास्टर माने जाने वाले असिमोव को रॉबर्ट ए. हेनलेन और आर्थर सी. क्लार्क के साथ अपने जीवनकाल में “बिग थ्री” साइंस-फिक्शन लेखकों में से एक माना जाता था। कई लोग फाउंडेशन सीरीज़ को असिमोव की सबसे बेहतरीन कृति मानते हैं। उनकी अन्य प्रमुख सीरीज़ गैलेक्टिक एम्पायर सीरीज़  और  रोबोट सीरीज़ हैं ।

विश्व अंतर्मुखी दिवस
World Introvert Day
हर साल 2 जनवरी को विश्व अंतर्मुखी दिवस मनाया जाता है। इस दिन को मनाने का उद्देश्य है दुनिया भर में अंतर्मुखी लोगों को बेहतर ढंग से समझना और पहचानना एवं आवश्यक समय और स्थान देकर उनका सम्मान करना।जो व्यक्ति शांत और कम उत्तेजना वाले वातावरण में रहना पसंद करते हैं वह अंतर्मुखी यानी कि इंट्रोवर्ट होते हैं। अक्सर अंतर्मुखी लोगों को अकेले रहना पसंद होता है। उन्हें अकेले समय की आवश्यकता होती है। ऐसा भी कहा जाता है कि अंतर्मुखी लोग अपने अलग सपनों की दुनिया में व्यस्त रहते हैं, इसलिए उन्हें अन्य लोगों की गतिविधियों में भाग लेने में कोई दिलचस्पी नहीं होती।विश्व अंतर्मुखी दिवस अंतर्मुखी लोगों के लिए दुनिया भर में जागरूकता लाने के बारे में बताता है जिससे पता चलता है कि उनके कार्य और आदतें सामान्य से कम नहीं हैं। कई खोजों से पता चला है कि अंतर्मुखी, बहिर्मुखी दुनिया को चालू रखने के लिए लोग अंतरिक्ष के पीछे काम करते हैं।
अधिकांश सिद्धांतवादी, वैज्ञानिक, वैज्ञानिक अंतर्मुखी ही होते हैं। अन्तर्मुखी वे व्यक्ति होते हैं जो शांत वातावरण पसंद करते हैं। वे सोशल मेलजोल नहीं रखना चाहते हैं।
यहां तक कि सामाजिक समारोहों में भाग लेने के बाद भी थकान महसूस होती है। प्रथम विश्व अन्तर्मुखी दिवस वर्ष 2011 में मनाया गया। 

भारत रत्न दिवस
भारत में 2 जनवरी 1954 को तत्कालीन राष्ट्रपति डॉ. राजेन्द्र प्रसाद ने भारत रत्न पुरस्कार देने की शुरुआत की थी। कला, साहित्य, विज्ञान, समाज सेवा और खेल जैसे विशिष्ट क्षेत्रों में असाधारण तथा उल्लेखनीय राष्ट्र सेवा करने वालों को देश का सर्वोच्च नागरिक सम्मान ‘भारत रत्न’ प्रदान किया जाता है।शुरू में इस सम्मान को मरणोपरांत देने का चलन नहीं था, लेकिन एक वर्ष बाद इस प्रावधान को जोड़ा गया। इसी तरह खेलों के क्षेत्र में विशिष्ट उपलब्धि हासिल करने वालों को भारत रत्न से सम्मानित करने का प्रावधान भी बाद में शामिल किया गया।
(विविध स्रोत)