सोमवार, 21 सितंबर 2026

निठल्ले के नोट्स - कैसे होता है जहाज पर अपशिष्ट का निपटारा

समुद्री जहाजों और युद्धपोतों पर हफ्तों और महीनों तक रहने वाले लोगों के लिए अपशिष्ट (Sewage) और अन्य जलीय पदार्थों का निपटारा पर्यावरण सुरक्षा के सख्त अंतरराष्ट्रीय नियमों, विशेष रूप से MARPOL (Maritime Pollution) संधि के तहत किया जाता है। जहाज पर बनने वाले गंदे पानी को मुख्य रूप से दो श्रेणियों में बांटा जाता है: ब्लैक वॉटर (Blackwater), जो शौचालय का अपशिष्ट होता है, और ग्रे वॉटर (Graywater), जो सिंक, शॉवर, रसोई और कपड़े धोने से निकलता है। इन दोनों प्रकार के जल के निपटारे के लिए जहाज पर अत्याधुनिक मरीन सैनिटेशन डिवाइसेस (MSD) और जहाजी सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (STP) लगे होते हैं। शौचालय का ब्लैक वॉटर पाइपलाइनों के माध्यम से सीधे ट्रीटमेंट प्लांट में पहुंचता है, जहां पहले इसे यांत्रिक रूप से छाना और पीसा जाता है। इसके बाद बायोलॉजिकल डाइजेस्टर में मौजूद सूक्ष्म जीव (Aerobic Bacteria) इस जैविक कचरे को पचाकर हानिकारक पदार्थों को खत्म कर देते हैं। अंत में, इस पानी को क्लोरीन या पराबैंगनी (UV) किरणों से जीवाणुरहित (Disinfect) किया जाता है।

अंतरराष्ट्रीय समुद्री नियमों के अनुसार, साफ और उपचारित (Treated) पानी को ही समुद्र में छोड़ने की अनुमति होती है। हालांकि, इसे तट या किनारे से एक तय दूरी (आमतौर पर तट से 3 से 12 समुद्री मील दूर) पर ही डिस्चार्ज किया जा सकता है। यदि जहाज बंदरगाह पर खड़ा हो या संवेदनशील समुद्री क्षेत्र (जैसे प्रवाल भित्तियों वाले इलाके) से गुजर रहा हो, तो वहां समुद्र में किसी भी प्रकार का जल या अपशिष्ट फेंकना पूरी तरह प्रतिबंधित होता है। ऐसे समय में उपचारित और अनुपचारित पानी को जहाज के अंदर बनी विशेष होल्डिंग टैंकों (Holding Tanks) में जमा करके रखा जाता है। जब जहाज बंदरगाह पर रुकता है, तो इन टैंकों के अपशिष्ट को सक्शन पाइपों के जरिए बंदरगाह की ऑन-शोर सीवेज सुविधाओं में स्थानांतरित (Pump out) कर दिया जाता है।

रसोई के कचरे, जहाजी इंजन रूम से निकलने वाले तेल युक्त पानी और सामान्य तरल पदार्थों के लिए अलग प्रक्रिया अपनाई जाती है। रसोई के जैविक कचरे को 'पल्पर' या 'ग्राइंडर' में पीसकर बेहद बारीक बना दिया जाता है, जिसे किनारे से काफी दूर समुद्र में छोड़ा जा सकता है। वहीं, इंजन रूम में जमा होने वाले जहरीले तेल-युक्त पानी (Bilge Water) को सीधे समुद्र में बहाना सख्त अपराध है। इसके लिए जहाज पर ऑयली वॉटर सेपरेटर (OWS) नाम का उपकरण होता है, जो पानी और तेल को अलग करता है। जब पानी में तेल की मात्रा 15 PPM (पार्ट्स पर मिलियन) से कम रह जाती है, तभी मॉनिटरिंग सिस्टम उस पानी को समुद्र में जाने की इजाजत देता है; बचा हुआ गाढ़ा तेल (Sludge) अलग टैंकों में जमा कर लिया जाता है जिसे बंदरगाह पर रिसाइकलिंग के लिए सौंप दिया जाता है। इस प्रकार, उन्नत तकनीक और कड़े कानूनों के संतुलन से जहाजों पर स्वच्छता और पर्यावरण की सुरक्षा बनी रहती है।

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